: स्वदेशी जहाज "सजग" भारतीय तटरक्षक बल में शामिल,भारतीय तटों की करेगा पहरेदारी
Mon, May 31, 2021
मेक इन इंडिया(Make In India) के तहत निर्मित स्वदेशी जहाज सजग भारतीय तटरक्षक बल(
Indian Coast Guard
) में शामिल हो गया।इसे भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल व राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार की उपस्थिति में शनिवार को कमीशन किया गया।ये 105 मी की श्रृंखला के अंतर्गत बनने वाला तीसरा अपतटीय गश्ती जहाज है जो कि भारत के तटों की सुरक्षा व पहरेदारी करेगा।
इस अत्याधुनिक जहाज को पूरी तरह से भारत मे व भारत की स्वदेशी टेक्नोलॉजी से बनाया गया है।इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटिड द्वारा बनाया गया है।
क्या है भारतीय तटरक्षक जहाज "सजग" की विशेषताएं?
स्वदेशी टेक्नोलॉजी से निर्मित जहाज सजग एक अत्याधुनिक जहाज है जो कि सभी प्रकार की नई टेक्नोलॉजी व हथियारों से लैस है।
इसमे बेहद घातक और स्टेट-ऑफ-दी-आर्ट हाई पावर एक्सटर्नल फायरफाइटिंग सिस्टम लगाया गया है।
इसको कई सारे घातक हथियारों से लैस किआ गया है जैसे 40/60 बोफोर्स तोप,12.7 मिमी एस आर सी जी तोप, आदि।
ये जहाज एक हेलीकाप्टर व चार हाई स्पीड नौकाओं को आने साथ ले जाने में सक्षम है।
भारत जल्द बनेगा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर!
दुनिया का हर देश रक्षा क्षेत्र व हथियारों में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने चाहता है और यह जरूरी भी है।भारत के दुशमनों की बढ़ती ताकत को देखते हुए भारत को भी अपनी सुरक्षा पर और ध्यान देना ही होगा।
भारत काफी हद तक इसमे कामयाब भी हो गया है क्योंकि भारत आज हर तरह के हथियार बनाने में सक्षम है चाहे फिर वो मिसाइल(Missile) हो या परमाणु हथियार(Nuclear Weapons),लड़ाकू विमान(Fighter Jet) हो या हेलीकाप्टर(Helicopter),टैंक(Tank) हो या सबमरीन(Submarine)।भारत के प्रमुख हथियार निर्माता जैसे डी आर डी ओ(
DRDO
), एच ए एल(HAL) ,आदि भारत को दिन प्रतिदिन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में लगे हुए हैं।
इससे भारतीय तटरक्षक बल की ताकत और बढ़ जाएगी और भारतीय तटों को दुश्मन बुरी नज़र से देखने से पहले 100 बार सोचेगा।
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: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021: जानिए इसका महत्व, इस बार की थीम व सब कुछ
Mon, May 31, 2021
तंबाकू एक ऐसा पदार्थ है जो कि मानव के सम्पूर्ण जीवन को नष्ट कर सकता है और एक बार यदि इसकी लत लग गयी तो उसे छुड़ाना बहुत मुश्किल होता है।तंबाकू न सिर्फ कैंसर बल्कि और कई अन्य जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है।तंबाकू के सेवन से मानव अपना सामाजिक और पारिवारिक जीवन को भी खतरे में दाल देता है।
हर साल लाखों लोग तंबाकू के सेवन से अपनी जान गंवा देते हैं और कई लोग जीवन भर के लिए किसी न किसी लाइलाज़ रोग से ग्रसित हो जाते हैं।तंबाकू से मानव जाति को बचाने के लिए अथवा लोगो को जागरूक करने के लिए हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस(World No Tobacco Day) मनाया जाता है।
जानिए विश्व तंबाकू निषेध दिवस के बारे में सब कुछ!
विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने की घोषणा साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन(
WHO
) द्वारा की गई थी परंतु पहला विश्व तंबाकू निषेध दिवस साल 1988 को 7 अप्रैल के दिन मनाया गया था।31 मई 1988 को एक बार फिर से प्रस्ताव पारित हुआ जिसमें ये फैसला लिए गया कि अब से प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा।
इसके मनाने का मूल उद्देश्य लोगो को जागरुक करने एवं उन्हें तंबाकू के अनगिनत नुकसानों के बारे में बताना है।दुनियाभर में कई कार्यकम, प्रदर्शनी व हेल्थ कैम्प आयोजित किये जाती हैं जिसमे लोगों को इसकी लत से छुटकारा पाने के उपाय बताए जाते हैं।इसका एक और उद्देश्य है तंबाकू से होने वाले खतरों से निपटने के लिए व इससे होने वाली गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए पूरे विश्व को एक साथ लाना व मिलकर विश्व से इसका सफाया करना।
क्या है इस बार की थीम ?
विश्व तंबाकू निषेध दिवस का हर साल एक नया थीम होता है और उसी थीम पर लोगो को जागरूक व अवगत कराया जाता है।थीम के अनुसार ही दुनिया भर में कार्यकम आयोजित होते हैं।इस साल भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021 की एक नयी थीम रखी गयी
इस साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021 की थीम है----
कमिट टू क्विट(Commit To Quit)!
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: तेल निर्यातक देश बनेगा भारत ,पड़ोसी देशों को जल्द करेगा तेल सप्लाई
Mon, May 31, 2021
भारत को दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देश के रूप में देखा जाता है और यह सच भी है। तेल निर्यातक देशो की सूची मे भारत का नाम बहुत पीछे है। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ताल आयातक देश है।भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि भारत मे प्राकर्तिक तेल और गैस के भंडार बहुत कम है और जो हैं भी उनमें बहुत कम मात्रा में उपयोग करने हेतु तेल मौजूद है।
यही कारण है की भारत को न सिर्फ एक देश बल्कि कई देशों से तेल का आयात करने पड़ता है जो कि भारत को काफी महंगा भी पड़ता है।लेकिन अब भारत आयात के साथ साथ तेल का निर्यात भी करेगा और इसी कड़ी में भारत अब नेपाल के बाद म्यांमार(Myanmar) और बांग्लादेश(Bangladesh) को तेल निर्यात करेगा।
क्या है पूरा मामला?
जैसा कि हमने अपकों पहले बताया की भारत मे प्राकर्तिक तेल के भंडार बहुत कम हौ लेकिन भारत मे कुछ राज्य ऐसे है जहाँ पर तेल के कुछ प्राकर्तिक भंडार मौजूद है।भारत ने अपने इन तेल भंडारों से काफी समय से तेल निकल रहा है और इसके लिए भारत ने कई महत्वपूर्ण (Refinery) को भी स्थापित किया है।
तेल के दृष्टिकोड़ से असम भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि असम भारत के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो कि सबसे ज्यादा कच्चा तेल निकालते है।असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने हाल ही में कहा कि असम अब कच्चे तेल का निर्यात बांग्लादेश और म्यांमार को करेगा।
असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी(
Numaligarh Refinery
) जो की भारत की सबसे बड़ी और पुरानी रिफाइनरियों में से एक है, उसकी छमता अब 3 मिलियन मीट्रिक टन(MMT) से लेके 9 मिलियन मीट्रिक टन(MMT) तक कर दी जाएगी।इसके साथ ही ओडिशा के पारादीप(Pradeep) से कच्चे तेल को पाइपलाइन के जरिये लाया जाएगा और नुमालीगढ़ रिफाइनरी(Numaligarh Refinery) में रिफाइन(Refine) किया जाएगा और बाद में यही तेल अन्य पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश(Bangladesh) और म्यांमार(Myanmar) को निर्यात किया जाएगा।
तेल निर्यातक देश कैसे बनेगा भारत ?
भारत के पास भले ही तेल के प्राकर्तिक भंडार कम हो लेकिन भारत अपने यहां बड़ी और हाईटेक रेफिनेरियों(High-tech Refinery) का ऐसा नेटवर्क(Network) बना रहा है की भारत अन्य देशों से कच्चा तेल मंगा के अपने यहां रिफाइन(Refine) करके उसे अपने पड़ोसी और छोटे देशों को निर्यात कर सकेगा और भारत का नाम भी तेल निर्यातक देशों की सूची में आ जायेगा।
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