: NEET UG 2021:यहां आवेदन कैसे करें,आवश्यक दस्तावेजों की सूची।
Sun, Jun 6, 2021
NEET UG 2021:नीट 2021 ने अपनी वेबसाइट को सक्रिय कर दिया है और NEET 2021 के लिए आवेदन पत्र सूचना विवरणिका के साथ जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। विवरण आधिकारिक वेबसाइट -
neet.nta.nic.in
पर चेक किया जा सकता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 4 जून को घोषणा की कि वह कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करेगा और जल्द ही यह तय करेगा कि अगस्त में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE मेन (अप्रैल और मई) और मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के दो शेष संस्करणों का आयोजन कब करना है।
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, "जेईई-मेन्स के लंबित सब्जेक्ट्स के शेड्यूल पर फैसला करने के लिए जल्द ही एक समीक्षा बैठक आयोजित होने की संभावना है और क्या एनईईटी-यूजी 1 अगस्त को आयोजित किया जा सकता है।"
कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद जेईई मेन 2021 अप्रैल और मई की परीक्षाओं को अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
नीट यूजी 2021: कैसे करें आवेदन?
आधिकारिक वेबसाइट
www.ntaneet.nic.in
पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए 'आवेदन पत्र भरें' टैब पर क्लिक करें।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें जिसके बाद आपको एक सिस्टम जेनरेटेड एप्लीकेशन फॉर्म नंबर मिलेगा। इस आवेदन संख्या को नीचे नोट कर लें।
जेपीजी/जेपीईजी प्रारूप में उम्मीदवार की तस्वीर (10 केबी से 200 केबी के बीच) और उम्मीदवार के हस्ताक्षर (4 केबी से 30 केबी के बीच) की स्कैन की गई छवि अपलोड करें।
आवेदन शुल्क का भुगतान करें। भुगतान किए गए शुल्क का प्रमाण रखें।
एक पुष्टिकरण पृष्ठ उत्पन्न होगा। पुष्टिकरण पृष्ठ के कम से कम चार प्रिंट आउट लें। यहां आवश्यक दस्तावेजों की सूची दी गई है:
उम्मीदवार की पासपोर्ट आकार की तस्वीर की स्कैन की गई छवि
उम्मीदवार के हस्ताक्षर की स्कैन की गई छवि
उम्मीदवार के बाएं हाथ के अंगूठे के निशान की स्कैन की गई छवि
उम्मीदवार के कक्षा 10 प्रमाण पत्र की स्कैन की गई छवि image
उम्मीदवार के पोस्टकार्ड आकार के फोटो की स्कैन की गई छवि एनईईटी आवेदन पत्र 2021 भरने के लिए, प्रक्रिया मानक है, एनईईटी-यूजी के लिए आवेदन करने के लिए, एक छात्र को पहले एनईईटी आवेदन आईडी पंजीकृत करने और उत्पन्न करने की आवश्यकता होगी। उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान भी करना होगा। 2020 में, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1,500 रुपये था।
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RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्लू टिक वापस लौटा, Twitter ने सुधारी गलती।
: RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्लू टिक वापस लौटा, Twitter ने सुधारी गलती।
Sat, Jun 5, 2021
RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्लू टिक वापस लौटा । Twitter ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के Twitter अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। दरअसल इससे पहले Twitter ने शनिवार की सुबह
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत कई अन्य संघ कार्यकर्ताओं के Twitter अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया गया था। उपराष्ट्रपति के Twitter अकाउंट से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद विवाद काफी बढ़ गया था। जिसके बाद Twitter ने वेंकैया नायडू के अकाउंट का ब्लू-टिक री स्टोर कर दिया था।
अब Twitter ने एक बार फिर अपनी गलती सुधारी है। उसने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत अन्य सभी संघ नेताओं के Twitter अकाउंट पर लगे ब्लू टिक को वापस कर दिया है। मोहन भागवत और कृष्ण गोपाल के अलावा जिन संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाया गया था उनमें सुरेश सोनी, अरुण कुमार और सुरेश जोशी जैसे लोग शामिल थे।
मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना गया था। ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को चालू रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था।
उपराष्ट्रपति और मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंटर से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद देश भर में ट्विटर का विरोध शुरू हो गया था। कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार भी ट्विटर पर कड़ा एक्शन लेने के मूड में है। जिसके बाद आखिरकार ट्विटर को अपनी गलती सुधारनी पड़ी है।
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: Amul vs PETA:Amul ने PETA पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रधानमंत्री से किया निवेदन।
Sat, Jun 5, 2021
अभी कुछ दिन पहले ही Amul व PETA में वीगन(vegan) दूध को लेकर विवाद हुआ था।दरसल PETA ने देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी Amul से वीगन दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स(dairy products) का बिज़नेस शुरू करने के लिए कहा था जसीके बाद दो बड़ी संस्थाओं में विवाद खड़ा हो गया था।अब ये विवाद और आगे बढ़ गया है और Amul ने PETA पर प्रतिबंध लगाने ने प्रधामंत्री से निवेदन किया है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस विवाद के बाद अमूल के चेयरमैन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा जिसमे यह निवेदन किया गया कि PETA पर प्रतिबंध लगाया जाए।उनका कहना है कि PETA का मूल उद्देश्य विदेशी कंपनियों द्वारा बनाये जाने वाले सिंथेटिक मिल्क का प्रचार प्रसार करना है।
उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि PETA इस व्यवहार से भारत के डेयरी सेक्टर की बदनामी हो रही है और इसका गंभीर असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।आपको बताते चलें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक व डेयरी प्रोडक्ट्स का निर्यातक देश है।ऐसे में भारत का डेयरी सेक्टर ने सिर्फ भारत मे बल्कि पूरी दुनिया काफी बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
क्या है Amul और PETA में विवाद?
दरसल PETA India चाहता है कि Amul वीगन मिल्क यानी डेयरी मुक्त दूध का उत्पादन शुरू करदे और सिंथेटिक मिल्क के बाजार में अपना हाथ आज़माये।PETA India का सुझाव है कि देश की आबादी को देखते हुए व पशु व पर्यावरण के कल्याण हेतु Amul को वीगन मिल्क को बढ़ावा देना चाहिए।
Amul ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि PETA
सिंथेटिक मिल्क
को बढ़ावा देके 10 करोड़ लोगों की आजीविका को बर्बाद करना चाहता है।भारत मे डेयरी सेक्टर से करोड़ों लोग जुड़े हुए और देश के किसी भी कोने में जानवरों के साथ क्रूरता नहीं की जाती।भारत मे सभी लोग चाहे वो इस सेक्टर से जुड़ें हो या न वे पाशों को अपने परियर का सदस्य मानते है और हमारी संस्कृति भी हमे यही शिक्षा देती है।
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