: भारत के आगे झुका पाकिस्तान, कुलभूषण जाधव के केस में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
Sun, Jun 13, 2021
पाकिस्तान
भारत से हारने और भारत के आगे झुकने का कोई मौका नही छोड़ता।इतिहास गवाह है कि जब जब पाकिस्तान भारत से लड़ा है तब तब उसने मूं की ही खाई है।अब कुलभूषण जाधव के मामले में भी पाकिस्तान को भारत के आगे झुकना पड़ा है।दरअसल कुलभूषण जाधव को लेके भारत को पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है।
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी kulbhushan jhadav इस समय पाकिस्तान की गिरफ्त में हैं और दुनिया जानती है कि पाकिस्तान भारत के लोगों से कितनी नफरत करता है ऐसे में भारत को कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की कैद से छुड़ाना बड़ी चुनौती थी।अब इसी केस में भारत को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने कानून में प्रावधान करते हुए कुलभूषण जाधव को राइट टू अपील की इजाज़त दे दी है।
राइट टू अपील से क्या होगा फायदा?
अब जब कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने कुलभूषण जाधव को राइट टू अपील की इजाज़त दे दी है तो कुलभूषण जाधव पाकिस्तान द्वारा सुनाई गई सज़ा के खिलाफ पाकिस्तान के उच्च कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं और वे यह चुनौती पाकिस्तान की आम अदालत में दे सकते है ना कि पाकिस्तान के मिलिट्री कोर्ट में जहाँ न तो पारदर्शिता है और न ही न्याय की कुछ उम्मीद।
क्या है कुलभूषण जाधव का पूरा मामला?
कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी है और कुछ साल पहले उनको पाकिस्तान ने ईरान की सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया था।पाकिस्तान ने बिना उनका पक्ष जाने एक तरफा उन्हें जासूस घोषित कर दिया और उन्हें फांसी की सजा सुना दी।इसके खिलाफ भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस दायर कर दिया और हमेशा की तरह जीत भारत की हुआ और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी।
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान को ये भी नसीहत दी की कुलभूषण को भी अपना पक्ष रखने दिया जाए और जब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नही मिल जाते तब तक उन्हें कोई भी सजा सुनाना गलत है।यह सब भारत के दबाव का ही नतीजा है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच से भी हर चुका है और उसे मजबूरन कुलभूषण को राइट टू अपील की इजाज़त देनी पड़ी।
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: BSF जवानों ने बांग्लादेश बॉर्डर से पकड़ा चीनी जासूस
Sun, Jun 13, 2021
चीन और पाकिस्तान दोनों देशों इस वक्त भारत को चुनौती देने के लिए खड़े हैं और भारत पर इस समय दो छोरों से युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।अब हाल ही में BSF जवानों ने बांग्लादेश बॉर्डर पर एक चीनी जासूस को पकड़ा है।यह चीनी जासूस पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था लेकिन BSF जवानों की बाज़ जैसी नज़रों से बचना नामुमकिन है।
चीन और पाकिस्तान दोनों का ही इस समय मूल उद्देश्य भारत को परेशान करना व सीमा वे अस्थिरता लाना है और शायद भारत से दुश्मनी ही चीन और पाकिस्तान की दोस्ती का सबसे बड़ा कारण है।
पाकिस्तान
बिना चीन के भारत का कुछ कर नही सकता और चीन में इतनी दम नही की वो सीधे तैर पे भारत से दुसनी मोल ले सके इसलिए वह पाकिस्तान का सहारा लेता है।पर भारत पूरी तरह से चौकन्ना है व टू फ्रंट वॉर के लिए पूरी तरह से तैयार है।
क्या जानकारी चीनी जासूस ने दी?
चीनी जासूस का नाम हान जुनवे बताया जा रहा है तथा BSF और भारत की खुफिया एजेंसियां लगातार उससे पूछताछ कर रहीं हैं।शरुआती पूछताछ के दौरान चीनी जासूस न बताया कि वो पिछले दो साल से भारत मे जासूसी कर रहा है।
शुरुआती पूछताछ के दौरान चीन के जासूस ने एक हैरान कर देने वाली जानकारी दी जिसमे उसने बताया कि वह पिछले दो सालों में 1300 से ज्यादा भारतीय सिम कार्ड्स की स्मगलिंग करके चीन ले जा चुका है।
हान जुनवे ने बताया कि इन भारतीय सिम कार्ड्स का उपयोग भारत में फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए किया जाता है साथ ही इन्हीं सिम कार्ड्स का उयोग करके एकाउंट को भी हैक किया जाता है।BSF के मुताबिक इस चीनी जासूस के पास कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलें है जिनसे यह पता लगाया जा सकता है कि वह भारत मे किस चीनी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा है।
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: 18+ की सम्पूर्ण आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाने वाला देश का पहला गाँव बना वेयान
Sat, Jun 12, 2021
कोरोना को यदि हराना है तो इसका एक मात्र उपाय वैक्सीनेशन है।कोरोना वैक्सीन लगवाना कोई बड़ी समस्या नही है लेकिन जब भारत जैसे देश की बात हो जहां इतनी बड़ी आबादी रहती है तब वैक्सीनेशन बहुत कठिन हो जाता है।दूसरा दिक्कत है भारत की आबादी में विविधता जिसके कारण वैक्सीन को लेके अलग अलग लोगों के मन मे अलग अलग दृष्टिकोण है और ऐसे में पूरी आबादी को वैक्सीनेट करना थोड़ा मुश्किल कार्य है।
लेकिन भारत के जम्मू कश्मीर से राहत देने वाली खबर सामने आयी है जहां वेयान भारत का पहला ऐसा गाँव बन गया किसने 18+ की सम्पूर्ण आबादी को कोरोना का टीका लगा दिया।जहां अधिकतम राज्यों या गांव में टीकाकरण 20 से 30 फीसदी भी नही हुआ है ऐसे में इस गाँव का इस उपलब्धि को हासिल करने एक बड़ी कामयाबी है तथा इसकी जोर शोर से सराहना भी होनी चाहिए।
कैसे हासिल की वेयान गाँव ने ये कामयाबी?
इस कामयाबी का पूरा श्रेय वेयान गाँव के स्वास्थ्यकर्मियों को जाता है और उन्ही की मेहनत का नतीजा है इस चीते से गाँव की तारीफ व चर्चा पूरे देश मे हो रही है।आपको बता दें की इस गाँव मे इंटरनेट की कोई सुविधा नही है इसलिए बाकी जिलों व शहरों की तरह आम लोग ऑनलाइन पंजीकरण नही कर सकते ऐसे में हर एक व्यक्ति को टीका लगाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य रहा होगा।
इसके साथ ही आपको बता दें कि स्वास्थ्यकर्मियों को इस गाँव मे टीका लगाने जाने के लिए करीब 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था।ऐसे इसलिए क्योंकि बेहद ऊंचे पहाड़ियों व दुर्गम रास्तों की वजह से वहाँ यातायात के साधन ना के बराबर थे।
जाने वेयान गाँव के बारे में
वेयान गाँव जम्मू-कश्मीर के
बांदीपोरा
जिले में स्तिथ है।वेयान गाँव मे कुल 326 वयस्क रहते हैं तथा वहाँ ज्यादातर परिवार खानाबदोश जीवन बिताते हैं व अपने पशुओं को चराने के लिए बेहद ऊंचे स्थानों ओर जाते हैं।
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