: एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर ने संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया
Mon, May 20, 2024
सागर I 11 म० प्र० बटालियन सागर द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर XIV जो 12 मई से 21 मई 2024 तक ढाना में आयोजित किया जा रहा है का निरिक्षण सागर ग्रुप के ग्रुप कमाडर ब्रिगेडियर अशोक मनोचा द्वारा आज किया गया। जिसमें एनसीसी कैडेटों द्वारा ग्रुप कमांडर महोदय को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।निशान ग्रुप कमांडर द्वारा सागर ग्रुप की विभिन्न युनिटों से आए हुए कैडेटों में से शिविर के दौरान शूटिंग काम्पटीशन के लिये चयनित सभी 16 एनसीसी कैडेटों को आगामी शूटिंग कैम्प में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु उच्च स्तरीय मोटिवेशन दिया गया एवं अपने प्रदर्शन में अधिक निखार लाने के लिये शूटिंग की बारीकियों से अवगत कराया गया।
कैम्प के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी कैडेटों को ग्रुप कमांडर महोदय द्वारा पुरूस्कार वितरण किया गया एवं शील्ड प्रदान की गई।ग्रुप कमांडर महोदय द्वारा कैडेटों को उनके उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं दीं एवं कैडेटों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रर्दशन करने की समझाइश देते हुए उनमें जोश एवं उत्साह का संचार किया।
: 500 से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगे फूल,विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी ट्रैक 1 जून से
Mon, May 20, 2024
उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी ट्रैक इस बार 01 जून 2024 से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। फूलों की घाटी ट्रैक अपने विभिन्न तरह के फूलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है।फूलों की घाटी दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियों से समृद्ध है और जैव विविधता का अनुपम खजाना है। यहां 500 से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगे फूल खिलते हैं।फूलों की घाटी से टिपरा ग्लेशियर, रताबन चोटी, गौरी और नीलगिरी पर्वत के विहंगम नजारे भी देखने को मिलते हैं। फूलों की घाटी 30 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।
उप वन संरक्षक बीबी मर्तोलिया ने बताया कि फूलों की घाटी के लिए पर्यटकों का पहला दल 01 जून को घांघरिया बेस कैंप से रवाना किया जाएगा। पर्यटकों को फूलों की घाटी का ट्रैक करने के बाद उसी दिन बेस कैंप घांघरिया वापस आना होगा।बेस कैंप घांघरिया में पर्यटकों के ठहरने की समुचित व्यवस्था है। फूलों की घाटी ट्रैकिंग के लिए भारतीय नागरिकों को 200 रुपए तथा विदेशी नागरिकों के लिए 800 रुपए ईको ट्रैक शुल्क निर्धारित किया गया है। फूलों की घाटी के लिए बेस कैंप घांघरिया से टूरिस्ट गाइड की सुविधा भी रहेगी।
: भोपाल से आए थे मेहमान,रक्तदान करके बचाई जान!
Sun, May 19, 2024
भोपाल से आए थे मेहमान,रक्तदान करके बचाई जान!मनोहर अग्रवाल खेड़ीसावली गढ़!दामजीपूरा:- रविवार बैतूल में मानवता की मिशाल देखने को मिली अपने चचेरे भाई सुदामा विश्वकर्मा के यहां बतौर मेहमान आए श्री ओंकार विश्वकर्मा को चचेरे भाई के व्हाट्सप पर यह संदेश देखा की दामजीपुरा की श्रीमती गीता बाई को ए पॉजिटिव रक्त की अत्यंत आवश्यकता है तो उन्होंने मेहमानी छोड़ जिला रक्तकोष पहुंच भीषण गर्मी में दोपहर को रक्तदान किया इस अवसर पर रक्तक्रांति टीम के शैलेंद्र बिहारिया ने कहा की मानवता की ऐसी मिशाल सराहनीय है! भीषण गर्मी में आराम छोड़ कूलर की हवा छोड़ श्री ओंकार व श्री सुदामा जिला रक्तकोश एक संदेश पर पहुंचे यह बेहद प्रशंसनीय है! भोपाल से आए मेहमान ने सिखा दिया की मानवता सबसे बड़ा धर्म है, इस अवसर पर रक्तक्रांति टीम के सुदामा विश्वकर्मा ने कहा की बैतूल जिले में युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और मरीज के परिजनों को भी रक्तदान करना चाहिए! विवाह अवसर पर हजारों रिश्तेदार दिखाई देते है, रक्त की जरूरत पड़ने पर सब गायब हो जाते है।