*संत लाल मुखर्जी प्रधान पाठक गौरटेक की तत्काल सेवा समाप्त करने की मांग : जांचकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं अभिमत नियुक्ति के फर्जी होने के संकेत
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Wed, Jun 17, 2026
संत लाल मुखर्जी प्रधान पाठक गौरटेक की तत्काल सेवा समाप्त कर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही की मांग
बसना - महासमुंद जिला के विकासखण्ड बसना अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गौरटेक में पदस्थ प्रधान पाठक संतलाल मुखर्जी की तत्काल सेवा समाप्त कर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही करने की मांग जिला कलेक्टर महासमुंद एवं जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द से शिकायत करता फिरोज़ खान ने की है शिकायत करता ने बताया कि कूटरचित दस्तावेजों को प्रस्तुत कर वर्ष 1994-95 में सहायक शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर ली थी जिसकी जानकारी प्राप्त होते ही दिवंगत सहायक शिक्षक की माता शिक्षा विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कर नियुक्ति निरस्त करने की मांग की गई थी परंतु प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज लगभग 30 वर्ष बीत जाने के पश्चात मुखर्जी प्रमोट हो कर प्रधान पाठक एवं संकुल समन्वयक बनकर सेवरत है ।
आरटीआई से जानकारी प्राप्त होने पश्चात शिकायत करता फिरोज़ खान ने इसकी जांच व कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर महासमुंद को वर्ष 2025 को अक्टूबर माह में पत्र के माध्यम से कलेक्टर जनदर्शन में समय सीमा में कार्यवाही नहीं होने पर लगातार पत्राचार कर अवगत कराता रहा गया कलेक्टर कार्यालय से डीईओ कार्यालय में शिकायत पत्र जांच हेतु भेजा गया वहां भी मेरा शिकायत ठंडे बस्ते में पड़ा रहा पर फिरोज़ खान ने हार न मानते हुए इसकी शिकायत ऑनलाइन जन शिकायत पोर्टल, पीजी पोर्टल में करते रहा लंबे अंतराल के बाद डीईओ कार्यालय से बीओ बसना 5 दिवस के भीतर जांच कर अभिमत प्रस्तुत करने के लिए पत्र प्रेषित किया बीओ बसना द्वारा 5 दिवस के जांच को तीन माह बीत जाने पश्चात डीईओ कार्यालय में भेजा गया बीओ बसना ने अपने अभिमत में जांच संदेहास्पद और उच्चस्तरीय जांच की अवश्यकता बताया है। बहरहाल डीईओ महासमुंद की और से शिकायत पर मुख्य कार्यवाही होना आज पर्यंत तक बाकी है
फिरोज़ खान ने जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात विभागीय अधिकारियों द्वारा टालमटोल कर संतलाल मुखर्जी को बचाने का आरोप लगाया है फिरोज़ खान कहना है संतलाल मुखर्जी के नियुक्ति आदेश में संतलाल मुखर्जी के पिता के जगह दिवंगत शिक्षक स्व कन्हैया लाल चौहान ग्राम नूनपानी तहसील सरायपाली लिखा है जबकि संतलाल मुखर्जी के पिता जगसाय मुखर्जी हैं निवासी सिनघपुर हैं जांच में संतलाल मुखर्जी ने मृत कर्मचारी से अपना संबंध चचेरा भाई होना बताया है फिरोज़ खान द्वारा शिकायत पत्र के साथ प्रस्तुत दस्तावेज दिवंगत शिक्षक के वंशावली वाली संत लाल मुखर्जी दूर दूर तक कोई रिश्तेदार नही है ।
जबकि संत लाल के मुखर्जी के अनुकम्पा नियक्ति आदेश में यह स्पष्ट लिखा हुआ कि यदि कोई भी गलती सिद्ध होती है तो बिना किसी कारण बताए सेवा समाप्त मानी जाएगी 
इतने सारे गलती सिद्ध होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संत लाल मुखर्जी के तत्काल सेवा समाप्त कर उचित कार्यवाही नहीं करते है तो अधिकारियों का संत लाल मुखर्जी से मिली भगत को दर्शाता फिरोज़ खान ने अपने पत्र में यह भी लिखा यदि फिर उच्च स्तरीय जांच की अवश्यकता है तो संतलाल मुखर्जी को निलंबित कर आगे की जांच की कार्यवाही की जाए ।
यदि अधिकारी चाहे तो संत लाल मुखर्जी को बचाना छोड़ तत्काल सेवा समाप्त कर उचित कार्यवाही कर सकते अब देखना ये है कि संत लाल मुखर्जी की सेवा समाप्त होती है या निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच ?
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