Wed 15 Apr 2026

ब्रेकिंग

अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल: एसपी दफ्तर पहुंचकर ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

सेन महाराज की जयंती मनाई गई

कटनी वन मंडल में ड्रोन संचालन प्रशिक्षण: आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी निगरानी क्षमता

“शहीद वनरक्षक हर्केश गुर्जर को श्रद्धांजलि: कटनी वनमंडल में शोक सभा आयोजित, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग”

एवीएस फैक्ट्री में 30 फीट की ऊंचाई से गिरकर श्रमिक की मौत, परिजनों ने लगाया सूचना छिपाने का गंभीर आरोप

सुचना

एमपी न्यूज लाइव मीडिया ग्रुप आपका हार्दिक स्वागत करता

MP न्यूज लाइव, सेटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल सेटेलाइट एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध :- Play on tv , DTH Live, Ebaba, CNN, PLAYON, AMAZON FIRE STICK, JIO AIR FIBRE

300 एकड़ की लाल पहाड़ी पर माफिया का कब्जा : माधवनगर में खनिज माफिया का खेल: बॉक्साइट खजाने को किया जा रहा खत्म, अवैध खनन से प्रकृति का विनाश

पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी

Fri, Apr 10, 2026

लाल पहाड़ी पर 'रक्तबीज' की तरह टूट रहे खनिज माफिया, विभाग की 'खामोशी' ने दिया विनाश को निमंत्रण

​कटनी / शहर के हृदय स्थल में स्थित प्राकृतिक विरासत 'लाल पहाड़ी' को खनिज माफिया किसी भूखे दरिंदे की तरह नोचने में लगे हैं। माफियाओं की हवस का आलम यह है कि वे इस बेशकीमती पहाड़ी को जड़ से मिटाने पर उतारू हैं, और इस पूरे खेल में खनिज विभाग एक मूकदर्शक की भूमिका निभाकर अपनी संदिग्ध कार्यप्रणाली को जगजाहिर कर रहा है।

​खतरे में 300 एकड़ का अस्तित्व

​थाना माधवनगर के अंतर्गत आने वाली करीब 300 एकड़ में फैली लाल पहाड़ी महज एक टीला नहीं, बल्कि बॉक्साइट और लेटेराइट जैसी बेशकीमती खनिज संपदा का खजाना थी। लेकिन आज माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत ने इसे विनाश की कगार पर ला खड़ा किया है। झिझंरी, बरगवां और LIC कार्यालय के समीप चलने वाले इस अवैध खेल ने पूरे इलाके के भूगोल को बिगाड़ कर रख दिया है।

​सफेदपोशों की शह, विभाग की मेहरबानी

​सूत्रों की मानें तो खनिज विभाग ने माफियाओं को 'अघोषित खुली छूट' दे रखी है। शहर के बीचों-बीच भारी मशीनों की दहाड़ प्रशासन को सुनाई नहीं देती, जो यह बताने के लिए काफी है कि सांठगांठ की जड़ें कितनी गहरी हैं।

​नियमों की धज्जियां: न माइनिंग प्लान का पता है, न ही पर्यावरण एनओसी का।

​दिन-रात दोहन

दिन के उजाले से लेकर रात के सन्नाटे तक पहाड़ी का सीना छलनी किया जा रहा है।

​राजस्व का नुकसान

शासन को करोड़ों की रॉयल्टी का चूना लगाकर माफिया अपनी तिजोरियां भर रहे हैं।

​कुदरत से खिलवाड़

विनाश की आहट

​स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में यहाँ न तो हरियाली बचेगी और न ही भूजल। पहाड़ी के खत्म होने से पर्यावरण का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।

​"जिस तरह कोई दरिंदा अपनी हवस मिटाने के लिए मर्यादा की हर हद पार कर जाता है, ठीक वैसे ही खनिज माफिया लाल पहाड़ी को खत्म करने के लिए हर नियम को रौंद रहे हैं।"

​प्रशासन से सवाल

​शहर के बीचों-बीच इतना बड़ा अवैध उत्खनन किसके संरक्षण में चल रहा है?

​क्या खनिज विभाग ने माफियाओं के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है?

​क्या प्रशासन इस प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या पूरी पहाड़ी के गायब होने का इंतजार करेगा?

Tags :

katninews

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन