स्लीमनाबाद होटल रेड मामले में बड़ा खुलासा: : स्लीमनाबाद होटल, चंद रुपयों के लालच में स्थानीय युवाओं को परोसा जा रहा 'कमरा', नियमों की उड़ र
पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी
Fri, Jun 19, 2026
स्लीमनाबाद होटल रेड मामले में बड़ा खुलासा: चंद रुपयों के लालच में स्थानीय युवाओं को परोसा जा रहा 'कमरा', नियमों की उड़ रही धज्जियां
बिना मुकम्मल रिकॉर्ड और आईडी के भी मिल जाती है एंट्री; सिर्फ मोटरसाइकिल देखकर तय होता है सौदा, सूत्रों का दावा
स्लीमनाबाद।
स्लीमनाबाद के होटल में पुलिस की छापामार कार्रवाई के बाद अब इस पूरे खेल की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, इस होटल में संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियों का यह कारोबार कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां नियमों को ताक पर रखकर यह धंधा धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। पुलिस की रेड के बाद अब स्थानीय स्तर पर होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोकल पते पर भी मेहरबान होटल प्रबंधन, नियमों का नहीं खौफ
नियमों के मुताबिक, स्थानीय (लोकल) पते वाले युवक-युवतियों को कमरा देने से पहले कड़ी जांच-पड़ताल और पुख्ता वजहों की तस्दीक जरूरी होती है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि इस होटल में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्लीमनाबाद और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले युवक-युवतियों को बिना किसी झिझक के कमरे उपलब्ध करा दिए जाते हैं। होटल प्रबंधन सिर्फ अपने आर्थिक मुनाफे के लिए स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में जुटा है।
सिर्फ मोटरसाइकिल देखकर मिल जाता है रूम!
सूत्रों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि होटल में आने वाले कपल्स के पास यदि खुद का कोई वाहन (विशेषकर मोटरसाइकिल) है, तो उन्हें आसानी से टारगेट कर लिया जाता है। सिर्फ मोटरसाइकिल से पहुंचने वाले युवक-युवतियों को बिना किसी कड़े वेरिफिकेशन के तुरंत रूम अलॉट कर दिया जाता है। इस शॉर्टकट प्रक्रिया के पीछे का मकसद मोटी रकम ऐंठना बताया जा रहा है।
आधे-अधूरे रिकॉर्ड: रजिस्टर एंट्री में बड़ा झोल
होटल व्यवसाय में ठहरने वाले हर मुसाफिर या गेस्ट का पूरा ब्योरा, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है। लेकिन अंदरखाने की खबर है कि इस होटल में रिकॉर्ड संधारण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। रजिस्टर में एंट्री या तो आधी-अधूरे तरीके से की जाती है या कई बार एंट्री गायब ही कर दी जाती है, ताकि किसी कार्रवाई के वक्त हकीकत सामने न आ सके।
जांच के दायरे में होटल संचालक, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट और होटल के पुराने रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी में है। पकड़े गए युवक-युवतियों के बयानों और होटल के अधूरे रजिस्टर की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। यदि जांच में रिकॉर्ड की हेराफेरी और स्थानीय युवाओं को बढ़ावा देने की पुष्टि होती है, तो होटल संचालक के खिलाफ सराय एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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