उद्योग विभाग को भूमि हस्तांतरण पर ग्रामीणों का विरोध : रीठी तहसील "जमीन नहीं देंगे, चाहे आंदोलन करना पड़े!" — उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर ग्रामीणों का बड़ा ऐलान
पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी
Mon, Jul 6, 2026
"जमीन नहीं देंगे, चाहे आंदोलन करना पड़े!" — उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर ग्रामीणों का बड़ा ऐलान

रीठी तहसील के ग्राम पंचायत सिमरा और देवगांव में उद्योग विभाग को भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया है। वर्षों से जिस जमीन पर लोग रह रहे हैं, उसे उद्योग विभाग के नाम किए जाने की आशंका से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2010 में ग्राम पंचायत सिमरा और देवगांव की करीब 450 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। अब उद्योग विभाग ने इस भूमि को अपने नाम हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि में उनके मकान और निवास क्षेत्र भी शामिल हैं।
इसी के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण रीठी तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन उद्योग विभाग को नहीं देंगे। उनका कहना है कि उनके घर, आजीविका और भविष्य इसी जमीन से जुड़े हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से निवास वाली भूमि को उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल रोकने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश यादव सहित जवाहर यादव, बलिराम चौधरी, कटुआ चौधरी, भागवत, रामरतन, रामलाल, सरमन, त्रिलोक, मंगतराम, धनीराम बर्मन, मुकेश बर्मन, पंकज सेन, संत कुमार और खुशीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि ग्रामीणों की आपत्तियों के बाद प्रशासन क्या फैसला लेता है।

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