Mon 13 Jul 2026

ब्रेकिंग

बंदरी–रोहनिया रेलवे अंडरब्रिज बना मुसीबत, कीचड़ में फंसी जनता; विकास के दावों पर उठे सवाल

माधव नगर खदान: नागपुर से कटनी तक रंगदारी का 'सिंडिकेट' खेल: बंद कमरों की मीटिंग्स में मांगी 75 लाख की फिरौती

कटनी - वार्ड नंबर 34 सरकारी स्कूल के पास खुले प्लॉट में मेडिकल वेस्ट का अंबार, संक्रमण फैलने का खतरा

22 लाख से अधिक राशि का गबन कर, लंबे समय से फरार आरोपी गिरफ्तार।

छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति का जिला न्यायालय का औचक निरीक्षण

सुचना

एमपी न्यूज लाइव मीडिया ग्रुप आपका हार्दिक स्वागत करता

MP न्यूज लाइव मासिक अखबार एवं सेटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल सेटेलाइट एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध :- Play on tv , DTH Live, Ebaba, CNN, PLAYON, AMAZON FIRE STICK, JIO AIR FIBRE

जल गंगा संवर्धन अभियान : कटनी - दीवारों तक सिमटा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’, जमीनी हकीकत नदारद

पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी

Tue, Apr 28, 2026

दीवारों तक सिमटा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’, जमीनी हकीकत नदारद

कटनी/विजय राघवगढ़— जहां एक ओर “जल गंगा संवर्धन अभियान” के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। विजयराघवगढ़ विकासखंड के ग्राम देवराकला में अभियान के तहत दीवार लेखन तो किया गया, लेकिन यह महज औपचारिकता बनकर रह गया।

ग्रामीणों का कहना है कि दीवारों पर नारे लिखने से जल संकट का समाधान नहीं होने वाला। गांव में आज भी कई जल स्रोत उपेक्षा का शिकार हैं, जिनकी सफाई और पुनर्जीवन के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा। छात्रों से नारे लिखवाकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, जबकि वास्तविक जरूरत जल संरचनाओं के सुधार और रखरखाव की है।

‘जल है अनमोल’ जैसे संदेश दीवारों तक सीमित रह गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो जल संरक्षण की कोई प्रभावी योजना दिख रही है और न ही उसका क्रियान्वयन। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे अभियानों में सिर्फ दिखावा ज्यादा और काम कम होता है।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल दीवार लेखन से जल संरक्षण संभव है, या फिर यह अभियान भी अन्य योजनाओं की तरह कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन