: शंकरगढ़ पहाड़ी देवास पर अनुभूति कार्यक्रम का हुआ आयोजन
Thu, Jan 18, 2024
देवास 18 जनवरी 2024/ वन मंडल देवास के अंतर्गत इको टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित तीन दिवसीय अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन शंकरगढ़ पहाड़ी पालनगर में किया जा रहा है। वन परिक्षेत्र देवास के शंकरगढ़ पाल नगर में शासकीय अशासकीय स्कूल के विद्यार्थियों की उपस्थिति में आयोजन किया जा रहा है। जिसमें तुकाजी राव पवार विज्ञान महाविद्यालय, केपी कॉलेज स्नाकोत्तर महाविद्यालय, जीडीसी महाविद्यालय, सरस्वती ज्ञान पीठ हायर सेकंडरी विद्यालय, सरस्वती बाल विनय मंदिर बालगढ़ के विद्यार्थियों शामिल थे।
अनुभूति कार्यक्रम में श्री राजीव खंडेलवाल, श्री राम सोनी, श्री राहुल गोस्वामी तथा वनमंडल अधिकारी श्री प्रदीप मिश्रा एस. डी. ओ. एस. के. शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान एवं राजेंद्र कुमार सोलंकी व मास्टर ट्रेनर पी.एन. तिवारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री राजीव खंडेलवाल ने विद्यार्थियों को अनुभूति कार्यक्रम के महत्व तथा उद्देश्य के बारे में बताया। श्री राजीव खंडेलवाल द्वारा वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जो जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, उसकी प्रशंसा की गई एवं वन एवं वन्य प्राणी सुरक्षा तथा पौधों से पाए जाने वाले लाभ पर प्रकाश डाला।
वनमंडल अधिकारी श्री प्रदीप मिश्रा ने विद्यार्थियों से उनके अनुभूति कार्यक्रम में उनके अनुभव के बारे में पूछा। बाघों के बारे में जानकारी दी गई। एस.डी.ओ.एस.के. शुक्ला द्वारा जैव विविधता पार्क में रोपित 55 प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई, पाली पॉन्ड समझाकर जल संरक्षण की जानकारी दी गई।
वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान द्वारा शंकरगढ़ पालनगर की भौगोलिक स्थिति एवं रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को इकोटूरिज्म की ओर से टी-शर्ट एवं कैप तथा पुस्तक का वितरण किया गया। विद्यार्थियों को वन भ्रमण कराया गया।
मास्टर ट्रेनर पी.एन. तिवारी द्वारा बच्चों को शंकरगढ़ हिल्स में उपलब्ध पौधों के बारे में जानकारी दी गई तथा वनों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों के बीज एवं छाल से होने वाले लाभ तथा उनकी पहचान करवाई गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा बच्चों को वन्य प्राणियों के बारे में तथा वन विभाग के कर्मचारी अधिकारियों के पद की पहचान कराई गई एवं वन विभाग के कर्तव्य एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी गई।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों द्वारा कविता, भजन, नृत्य प्रस्तुत किया गया। बच्चों को पर्यावरण की सुरक्षा एवं वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बंशिका अनिल मंडलोई, द्वितीय स्थान स्नेहा बामनिया, तृतीय स्थान प्राची रजवानी ने प्राप्त किया। विशेष पुरस्कार नृत्य प्रस्तुत करने वाली गायत्री नागर एवं उनके साथियों को नृत्य प्रस्तुति हेतु दिया गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में विशेष रूप से योगदान देने वाले उपवन क्षेत्रपाल राकेश मोदी, वनपाल श्याम शर्मा, राजेंद्र शर्मा, ज्योति जाट, अंकित मंडलोई, कमल परमार, महेंद्र पवार, शिव प्रताप सिंह, नेहा शर्मा, जयप्रकाश तिवारी आदि का सहयोग रहा।
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मध्य प्रदेश में क्यों कम की गई लाडली बहनों की संख्या,CM ने बताई वजह
: मध्य प्रदेश में क्यों कम की गई लाडली बहनों की संख्या,CM ने बताई वजह
Fri, Jan 12, 2024
मध्य प्रदेश (MP) में शिवराज (Shivraj singh) द्वारा चलाई लाडली बहना योजना (Ladli Bahana Yojana) अब सिरदर्द बनती जा रही है, हालांकि भाजपा सरकार का कहना है कि यह योजना फिलहाल बंद नहीं होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के 1.29 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 1576.61 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम ने सिंगल क्लिक से राशि ट्रांसफर की।
इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों से अपने-अपने परिवार की भलाई के लिए इस रकम का इस्तेमाल करने का भी आग्रह किया। हालांकि लाभार्थियों की संख्या 1.75 लाख कम हो गई। विपक्षी कांग्रेस ने इसको लेकर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि नई सरकार ने लाभार्थियों की संख्या दो लाख कम कर दी है।
लाडली बहना योजना के 1.29 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने आज 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल 1576 करोड़ रुपये की धनराशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की है। मकर संक्रांति से पहले इस आर्थिक मदद से यह त्योहार बहनों के लिए सुखद और आनंददायी हो जायेगा।
इसके साथ ही सीएम ने कांग्रेस पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पता नहीं कांग्रेस वालों के पेट में दर्द क्यों होता है। कांग्रेस नेताओं ने पहले कहा कि भाजपा सरकार इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकती है। अब जब वे पैसा जारी करते हुए देखते हैं तो कहते हैं कि अभी दे दिया तो अगली बार जरूर नहीं देंगे। आप (कांग्रेस) उम्मीद में बैठे रहिए, हम हर बार यह रकम बहनों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करते रहेंगे। सीएम ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने कभी बहनों को आर्थिक मदद नहीं दी लेकिन जब हम लाडली बहनों को आर्थिक मदद दे रहे हैं तो उस पर सवाल उठा रही है।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मोहन यादव सरकार ने लाडली बहना लाभार्थियों की संख्या दो लाख कम कर दी है। लोकसभा चुनाव बाद यह संख्या कितनी बचेगी यह तो सीएम ही जानें। वहीं कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने दावा किया कि शिवराज सरकार के दौरान लाभार्थियों की संख्या 1.31 करोड़ थी जो घटकर 1.29 करोड़ हो गई है। इस पर राज्य भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस 'झूठ की फैक्टरी' है। लाडली बहना लाभार्थियों की संख्या में 1.75 लाख की गिरावट विभिन्न कारणों से आई है। लगभग 1.56 लाख महिलाएं 60 साल की उम्र पार कर चुकी हैं। वहीं 18 हजार से अधिक महिलाओं ने लाभ छोड़ दिया है।
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नरेन्द्र सिंह तोमर : नए सदस्यों को सदन में विचार रखने के लिए दी जाएगी प्राथमिकता
: नरेन्द्र सिंह तोमर : नए सदस्यों को सदन में विचार रखने के लिए दी जाएगी प्राथमिकता
Thu, Jan 11, 2024
मध्यप्रदेश विधानसभा एवं लोकसभा (प्राइड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 16वीं विधानसभा के नव निर्वाचित सदस्यों के दो दिवसीय प्रबोधन कायर्क्रम का बुधवार शाम को समापन हुआ।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आगामी 7 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में प्रथम बार निर्वाचित सदस्यों को सदन में बोलने की प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सदस्य को सदन में बोलने का अवसर मिले, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।
तोमर ने कहा कि शून्यकाल में लिखित सूचनाओं पर बोलने का प्रावधान अभी है, किंतु आगामी सत्र में यह भी निर्धारित किया जाएगा कि शून्यकाल में महत्वपूर्ण तत्कालीन घटनाओं पर भी सदस्य अपनी बात रख सकेंगे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में लोकसभा और विधानसभा सचिवालय की भूमिका को भी प्रतिपादित किया।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि इस बार 69 विधायक पहली बार चुन कर आए हैं। उन्हें एक पत्र भेजकर उनसे इस दो दिवसीय प्रबोधन का अनुभव लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नए विधायकों के लिए एक और प्रबोधन कार्यक्रम अगर आवश्यक लगे तो उस दिशा में विचार करना चाहिए।
समापन सत्र को संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद एवं सभापति विशेषाधिकार समिति सुनील सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा, मप्र विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह, विधानसभा के सदस्यगण, अधिकारीगण एवं पत्रकार उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम की शुभारंभ मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आथित्य में प्रारंभ हुआ था। प्रबोधन कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, लोकसभ में लाभ के पदों पर गठित संयुक्त समिति के अध्यक्ष डॉ. सत्यपाल सिंह, लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य सुरेश पचौरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, झारखण्ड के सांसद एवं सभापति विशेषाधिकार समिति सुनील सिंह आदि ने संसदीय प्रक्रिया एवं सदन संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान विधानसभा के नव निर्वाचित सदस्यों को दिए।
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