: जय मां गंगे के जयकारों के साथ सागर में पहली बार हुई गंगा आरती
Tue, Aug 13, 2024
सागरI शहर की लाखा बंजारा झील चकराघाट पर बड़े शहरों की भांति पहली बार सोमवार को चकराघाट पर श्री बैकुंठ धाम मंदिर परिसर में शंख, झालर और जय मां गंगे के जयकारों के साथ गंगा आरती की शुरुआत हुई, जिसके गवाह शहर के हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिक बने और सागर के इतिहास में पहली बार शुरू की गई इस नई परंपरा का लोगों ने उत्साह पूर्व स्वागत किया। यह कार्यक्रम नगर निगम और स्मार्ट सिटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य शहर के नागरिकों में शहर की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत को साफ सुथरा और सुरक्षित रखने नगर निगम के साथ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और इनकी देखभाल और पर्यावरण के प्रति नागरिक जागरुकता की भावना विकसित करना था।
आरती 11 पंडितों द्वारा चकराघाट पर शंख झूला और डमरूदल, अखाड़े ,दलदल घोडी,बरेदी नृत्य दल की प्रस्तुति के साथ आरती मां गंगा की आरती की। आरती के समय शंख झूला और डमरू की आवाज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया ,और मंदिरों पर की गई रंग बिरंगी रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमग हो गया, जैसे मां गंगा स्वयं इस नई शुरुआत का स्वागत कर रही हों और नागरिकों में भी खुशी का माहौल देखा गयाI आरती में शहर के सैकड़ों लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक शैलेंद्र जैन, सांसद लता वानखेड़े ,नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री समेत अन्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है आज हमें पुराने दिन की याद आ गई जब हम लोग चकराघाट पर झूला देखकर वृंदावन बाग झूले देखने जाते थे। लाखा बंजारा झील के सौंदर्यीकरण एवं एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से नागरिकों को यातायात व्यवस्था में बहुत सुविधा हो गई है। सरकार ने करोड़ों रुपए की राशि से सागर की ऐतिहासिक झील को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सागर झील को स्वच्छ बनाने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज गंगा आरती का अद्भुत दृश्य देखकर हरिद्वार एवं काशी की आरती का स्मरण हो गया है वहां की ही तरह आज चकराघाट पर भी ऐतिहासिक आयोजन हुआ है।
सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि आज का ऐतिहासिक दिन है हरिद्वार एवं काशी की तरह सागर में पहली बार गंगा आरती का आयोजन इस ऐतिहासिक स्थल चकराघाट पर किया गया है आज सागर के लिए सौभाग्य का दिन है उन्होंने कहा कि सागर में एक नई परंपरा की शुरुआत हुई है मैं सभी ब्राह्मण बंधु, नगर निगम आयुक्त की राजकुमार खत्री एवं नगर निगम की टीम का अभिनंदन करती हूं कि उन्होंने इतना अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन किया है।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि चकरा घाट सागर का ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल है आज एक नई परंपरा की शुरुआत गंगा आरती के रूप में की जा रही है मध्यप्रदेश की सरकार ने करोड़ों रुपए की राशि से हमारी विरासत सागर झील को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया है उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि सागर झील को जो हमारी पहचान है उसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक सोमवार को गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में गंगा आरती करना चाहते हैं वे लोग पंजीयन करा ले जिससे उनके नाम से आरती की जा सके। गंगा आरती के सफल आयोजन के लिए विधायक शैलेंद्र जैन ने नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री एवं नगर निगम की टीम को धन्यवाद दिया ।
: डॉ. वंदना गुप्ता एसोसिएशन सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित
Mon, Aug 12, 2024
सागर/ द एसोसिएशन आफ वी क्लब्स ऑफ़ इंडिया का बहुप्रांतीय पद स्थापना समारोह सत्र 2024- 25 के लिए नासिक, महाराष्ट्र में जुलाई में संपन्न हुआ। जहां डॉ वंदना गुप्ता को "एसोसिएशन सर्वोच्च सम्मान" से सम्मानित किया गया । उन्हें यह सम्मान पूर्ण समर्पण के साथ संगठन को एक नई ऊँचाई प्रदान करने के लिए दिया गया। डॉ. वंदना गुप्ता ने सत्र 2023-24 मे 28 क्लबों के 560 सदस्यों के साथ एक नये प्रांत 323जी3 की स्थापना की थी जो एसोसिएशन के लिए अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सम्मान चीफ फाउंडर वी कंवल रेखी जी मुंबई तथा चीफ लीगल एंड फाइनेंशियल एडवाइजर एडवोकेट वी रक्षा मेहता जी नाडियाड ने डॉ वंदना गुप्ता को प्रदान किया साथ ही इस अवसर पर सत्र 2024- 25 की बहु प्रांतीय अध्यक्ष वी रजनी शेट्टी जी मुंबई ने डॉ वंदना को इस उपलब्धि एवं महिला सशक्तिकरण के लिए उनके प्रयास व समर्पण को सर्वोत्कृष्ट, अनुपम एवं अनुकरणीय उदाहरण बताया और उन्हें बहुत-बहुत बधाई दी।
: सागर ड्रीम्स में इस बार दी गई देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति,मेरे देश की धरती …
Sat, Aug 10, 2024
सागरI इस 15 अगस्त को देश 78 वा स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के अंतर्गत सागर ड्रीम्स प्लेटफार्म पर भी इस बार देश भक्ति के तराने गुनगुनाए गए। प्रतिभागियों ने मेरे देश की धरती ... जैसे सदाबहार तरानों के माध्यम से भारत माता को नमन किया और अमर शहीदों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। यह कार्यक्रम पर्ल पब्लिक स्कूल के सौजन्य से जवाहरलाल नेहरू पुलिस ट्रेनिंग अकादमी, परकोटा में आयोजित किया गया।
यह रहेगी अगली थीम-
दिल ढूंढता है फ़िर वही फुरसत के रात दिन... (गुलज़ार के गीत)
अपर कलेक्टर एवं जिला पर्यटन संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय ने कहा कि सागर ड्रीम्स, गीत संगीत के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम है। इस बार देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से सभी प्रतिभागियों ने मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि आगे भी यह कार्यक्रम जारी रहेगा और अगले कार्यक्रम की थीम " दिल ढूंढता है फ़िर वही फुरसत के रात दिन... " (गुलज़ार के गीत) रहेगी।
उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में इस प्लेटफॉर्म के तहत संगीत को अन्य विधाओं जैसे नृत्य, वादन का भी आयोजन करने की कार्ययोजना है। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नागरिक, पूर्व डीन एवं विभागाध्यक्ष परफॉर्मिंग आर्ट्स, संगीत विभाग और पत्रकारिता डॉ. ललित मोहन ने कहा कि सागर ड्रीम्स से जिले की प्रतिभाओं को अपने आप को प्रस्तुत करने का एक अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पूर्व जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के अंतर्गत आयोजित किया गया यह कार्यक्रम से पूरे जिले में 15 अगस्त के पूर्व भारत देश वंदन की बेहतरीन शुरुआत है।
इस अवसर पर पर्ल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि, सागर ड्रीम्स जैसे प्लेटफॉर्म सम्पूर्ण सागर जिले के लिए एक अवसर है, जिसमें छुपी हुई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। इन प्रतिभाओं को मौका मिलना , और लोगों का बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा लेना इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। कार्यक्रम में 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के प्रतिभागियों में लक्ष्य सोनी, नैंसी सरवैया , कनिष्का दुबे, अंचल चौरसिया, गीतांशी शर्मा, 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग में ऋषभ कुमार वर्मा,यशवर्धन वर्मा, राधिका जैन,विधान चौबे,दिमांश खरारे तथा 30 वर्ष के अधिक आयु वर्ग में आशीष शुक्ला, कीर्ति पाठक, सीमान्त परदेशी, अनिल कुमार गंगवानी, राजू प्रसाद वर्मा ने शामिल रहे।