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कटनी/विजयाराघवगढ़- सोया था सिस्टम, जनता ने जगाया! गड्ढे में पौधे लगते ही दौड़ा प्रशासन

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कटनी/विजयाराघवगढ़ 'बेशरम' के पौधे बने बदलाव की वजह : कटनी/विजयाराघवगढ़- सोया था सिस्टम, जनता ने जगाया! गड्ढे में पौधे लगते ही दौड़ा प्रशासन

पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी

Mon, Jun 8, 2026

'बेशरम' के पौधे बने बदलाव की वजह, मौत के गड्ढे पर शुरू हुआ काम

सोया था सिस्टम, जनता ने जगाया! गड्ढे में पौधे लगते ही दौड़ा प्रशासन

कटनी/विजयाराघवगढ़। इसे कहते हैं जनता की ताकत और 'बेशरम के पौधे' का करारा असर! कैमोर-विजयाराघवगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम लबैहरा के पास जिस जानलेवा गड्ढे को देखकर महीनों से जिम्मेदार अधिकारी मुंह फेरकर गुजर रहे थे, वहां जनता के अनोखे प्रदर्शन के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) की कुंभकर्णी नींद आखिरकार टूट ही गई। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक मचे बवाल के बाद विभाग ने आनन-फानन में हरकत में आते हुए गड्ढे को भरने और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया है।

गौरतलब है कि लंबे समय से उपेक्षित इस 10 फीट गहरे 'मौत के गड्ढे' से नाराज रहवासियों और समाजसेवियों ने कल ही इसमें बेशरम के पौधे रोपकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

जनता के तीखे तेवरों के आगे झुका अमला

जैसे ही सड़क के बीचों-बीच पानी में तैरते बेशरम के पौधों की तस्वीरें और खबरें वायरल हुईं, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। रोजाना इसी मार्ग से गुजरने वाले एसडीएम, तहसीलदार और नेताओं के दावों पर जब उंगलियां उठने लगीं, तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अमले के साथ मौके पर पहुंचे। विभाग ने बिना समय गंवाए गड्ढे में मुरुम-मिट्टी डलवाने और उसे समतल करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भारी पड़ा जन-आक्रोश

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनता अपने हक के लिए अड़ जाए, तो सोई हुई व्यवस्था को भी जागना ही पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है:

* "जो काम महीनों की शिकायतों और आवेदनों से नहीं हुआ, वो बेशरम के एक पौधे ने 24 घंटे के भीतर कर दिखाया। यह क्षेत्र के उन जनप्रतिनिधियों के मुंह पर भी तमाचा है जो इस सड़क से रोज गुजरते थे लेकिन जनता की परेशानी पर हमेशा चुप्पी साधे रहे।"।।

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