महासमुंद/बसना : न्याय की उम्मीद में दर दर भटक रही पत्नी, पति ने बिना तलाक रचा ली दूसरी शादी
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Sat, Jul 4, 2026
ग्राम जमड़ी निवासी पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उनके पति , निवासी ग्राम लमकसा ने 14 साल का साथ निभाने के बाद बिना तलाक दिए दूसरी शादी रचा ली है। इस कारण वे अपनी 11 और 6 साल की दो बेटियों के साथ पिछले 8 महीनों से मायके में रहने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने बताया कि विवाह वर्ष 2011 में पूरे रीति-रिवाज से हुआ था। 2011 से 2025 तक साथ रहने के दौरान समाज में लगभग 5 बार बैठक हुई। हर बार पीड़िता के पति ने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखकर दिया कि "मैं मेरी पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करूंगा, मारपीट नहीं करूंगा"। लेकिन हर बार वादा तोड़कर फिर प्रताड़ित किया गया।
*पीड़िता का आरोप है कि : कोरे कागज पर दस्तखत करवाकर फैलाया तलाक का झूठ*
वर्ष 2025 में प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। इसके बाद गढ़फुलझर में समाज की बैठक हुई। बैठक में पीड़िता पर दबाव बनाकर "समाज से निकालने" की धमकी दी गई। कुछ समाज के प्रमुख लोगों ने उनसे कोरे कागज पर दस्तखत करवा लिए और बाद में उसी कागज को भरकर समाज में यह अफवाह फैलाया कि पीड़िता का तलाक हो चुका है। जबकि उन्हें कोई कानूनी नोटिस या दस्तावेज नहीं दिया गया।
*दूसरी शादी का आरोप*
इन सबके बाद पीड़िता के पति ने दिनांक 08.06.2026 को ग्राम बड़े साजापली में दूसरी शादी रचा ली।
पीड़िता का कहना है कि अब समाज की बैठकों पर से भरोसा उठ चुका है क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ है।
*कानूनी कार्रवाई*
न्याय की मांग को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद, थाना बसना और राज्य महिला आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कानूनी जानकारों के अनुसार बिना तलाक दूसरा विवाह करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है जिसमें कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
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